मानसिक रोगों से बचने के लिए खुद में परिवर्तन लावें

मानसिक रोगों से बचने के लिए खुद में परिवर्तन लावें :- डॉ.हेमन्त श्रीवास्तव

मानसिक रोग आजकल की बड़ी समस्या हो गई है जो मानव शरीर को अंदर से खोखला बना रही है जो (अवसाद) डिप्रेशन  चिंता तथा पागलपन के नाम से जाना जाता है आजकल की भागदौड़ और व्यस्ततम दिनचर्या में लोग अपने आप को बिल्कुल समय नहीं देते, हर समय मन में एक कार्य या किसी बातों को लेकर विचार बना रहता है, जिससे निद्रा ना आना तरह तरह  के नकारात्मक विचार मस्तिष्क में घूमते रहते हैं, आजकल खासकर युवाओं में देखा गया है की रात रात भर नहीं सोते अधिक से अधिक मोबाइल का उपयोग तथा छोटी-छोटी बातों पर मानसिक तनाव लेना बहुत ही साधारण सी बात हो गई है ,हमारे काफी युवा जो नौकरी की तलाश में बाहर रहते हैं काफी समय से डिप्रेशन से घिरते जा रहे हैं नौकरी में सही पोजीशन ना मिल पाना तथा नौकरी की तलाश में इधर-उधर भटकने के कारण उनकी मानसिक स्थिति में काफी बदलाव आया है ,जिससे डिप्रेशन की बीमारी तेजी से बढ़ रही है ,डिप्रेशन कभी-कभी इतनी घातक होती है कि सुसाइड की भी स्थिति बन जाती है ,शहरों के चमक दमक तथा अपने आप को उत्कृष्ट दिखाने की चाह में लोग और भी डिप्रेशन में गिरते चले आ रहे हैं ,तथा लोगों को बुरी आदतों की लत पर लग जा रही है ,अगर इससे जल्द ही बाहर ना निकला गया तो निश्चित रूप से एक गंभीर बीमारी हमारे समाज में उत्पन्न होने वाली है डॉ हेमंत श्रीवास्तव बताते हैं मानसिक विकारों से बचने के लिए अपनी दिनचर्या में सुधार करना होगा, नकारात्मक विचारों से दूरी बनानी होगी ,तथा अपने कार्यकलापों को सही दिशा में ले जाना होगा ,मानसिक विकार से बचने के लिए योगा करें ,संगीत सुने तथा हमेशा मुस्कुराते रहें व प्रसन्न रहें ध्यान मुद्राएं करें तथा अधिक से अधिक पानी का सेवन करें ,भोजन में शाकाहार अपनाएं फल हरी सब्जियों आदि का सेवन करें  बादाम ,अखरोट का सेवन करें अपने आप को सदैव फिट समझें बहुत से लोग अपनी छोटी-छोटी बीमारियों को भी गूगल पर सर्च करते हैं जो आजकल की एक बड़ी बीमारी है जिसकी वजह से लोग डिप्रेशन में जा रहे हैं किसी भी स्थिति में अपने डॉक्टर से संपर्क करें होम्योपैथिक दवाइयों में मानसिक रोग की दवाइयां बेहतर विकल्प है एक प्रशिक्षित चिकित्सक से दिखाकर दवा लेने पर निश्चित रूप से लाभ प्रदान होगा!